सार्वजनिक वितरण प्रणाली में सुधार पर विचार

| September 2, 2011 | 1 Comment

भोपाल (एमपी न्‍यूज़लाइन). सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित मंत्रि-मंडलीय उप-समिति की अंतिम बैठक में समिति ने प्रणाली में सुधार के बिंदुओं पर विचार किया।

जल-संसाधन मंत्री श्री जयंत मलैया की अध्यक्षता में गठित उप-समिति की पिछले एक हफ्ते में यह दूसरी बैठक थी। आज की बैठक में समिति ने अपनी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया।

उप-समिति के अन्य सदस्यों में उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, सहकारिता मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री श्री पारस चन्द्र जैन और आदिम-जाति तथा अनुसूचित जाति कल्याण राज्य मंत्री श्री हरिशंकर खटीक हैं।

समिति के विचार बिन्दुओं में जनसंख्या के मान से सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मद में और बजट की वृद्धि की जाना प्रमुख रहा। इसी तरह प्रत्येक उचित मूल्य दुकान पर एक सेल्समेन की नियुक्ति की आवश्यकता पर भी गौर किया गया।

इसके अलावा प्रत्येक उचित मूल्य दुकान के संचालन के लिये एक लाख रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण देने और इस ऋण को स्वीकृति के 5 साल बाद 10 समान किस्तों में वापिस किये जाने के प्रस्ताव पर भी विचार हुआ।

उप-समिति ने भंडारण स्थल से उचित मूल्य दुकानों को सीधे खाद्यान्न की आपूर्ति पर भी विचार किया। बैठक में वैद्यनाथन कमेटी की सिफारिशों के परिप्रेक्ष्य में सहकारी समितियों को हानि की प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाये जाने और प्रत्येक ग्राम-पंचायत स्तर पर एक राशन दुकान खोलने पर भी चर्चा हुई।

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Category: Governmaent

Comments (1)

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  1. आम आदमी says:

    राशन की दुकानों को नेताओं के चमचों के हवाले करने के बाद इसमें क्‍या सुधार की बात करते हैं… पूरा राशन कालाबाजारी के द्वारा बेचा जाता है। पहले इसे बंद करो फिर सुधार की बात करना।

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